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नागरिक घोषणा पत्र


 
िट 
नागरक/ाहक चाट र 
 
 
के य रे शम बोड 
व मंालय, भारत सरकार के य रे शम बोड कालेस, बी.ट.एम.लेआउट 
मडवाला, होसर मेन रोड ू  बगल  ू -560 068 
:  ms@csb.gov.in : http://www.csb.gov.in/ 
 जनवर, 2013 
  
• भारत वव रे शम बाजार म अणी दे श के  प म दखे ।    लय 
• अनसंधान व वकास तथा ौयोगक हतांतरण हे त सतत यास करना । ु ु  
• लाभकार रोजगार के  अवसर का सजन तथा रे शम उपा ृ
दन क वै ानक याओं के  मायम से आय म व सनिचत करना ।  ृ ु  
• रे शम उपादन के  सभी चरण पर उपादकता म सधार लाना ।  ु  
• गणवता के  त कटब होते हए कायमता को सढ़ करना । ु ु ु
          अधदे श 
• रे शम उयोग के  वकास का संवधन ऐसे उपाय वारा करना जै से वह ठक            समझे । 
• वैानक रे शम उपादन णाल के  चार से रे शम उपादन म लाभद रोज़गार  और बे हतर आय के  लए अधक अवसर सिजत करना ।
ृ  

नागरिक/ग्राहक चार्टर

 
केन्द्रीय रेशम बोर्ड
वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार
केन्द्रीय रेशम बोर्ड काम्प्लेक्स,
बी.टी.एम.लेआउट, मडिवाला,
बेंगलूरु-560 068

:  ms.csb@nic.in
http://www.csb.gov.in/

मई, 2017

 

दृष्टि  

·                भारत विश्व रेशम बाजार में अग्रणी देश के रूप में दिखे । 

 

लक्ष्य 

·               अनुसंधान व विकास तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हेतु सतत प्रयास करना । 

·              लाभकारी रोजगार के अवसर का सृजन तथा रेशम उत्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से आय में वृद्धि सुनिश्चित करना । 

·              रेशम उत्पादन के सभी चरणों पर उत्पादकता में सुधार लाना । 

·              गुणवत्ता के प्रति कटिबद्ध होते हुए कार्यक्षमता को सुदृढ़ करना । 

  
अधिदेश 

·              रेशम उद्योग के विकास का संवर्धन ऐसे उपायों द्वारा करना जैसे वह ठीक  समझे । 

 

·              वैज्ञानिक रेशम उत्पादन प्रणाली के प्रचार से रेशम उत्पादन में लाभप्रद रोज़गार और बेहत्तर आय के लिए अधिक अवसर सृजित करना । 

·              वैज्ञानिक, प्रौद्योगिक और आर्थिक अनुसंधान करना, उसमें सहायता देना या उन्हे प्रोत्साहित करना । 

·             शहतूत की खेती, रेशम कीटपालन की समुन्नत पद्धतियों, स्वस्थ रेशमकीट बीजों के विकास एवं वितरण, कोसों और रेशम अपशिष्ट के रेशम धागाकरण ओर कताई की समुन्नत पद्धतियों, कच्चे रेशम की गुणवत्ता तथा उत्पादन में सुधार लाने के लिए उपाय करना और इसके लिए आवश्यक होने पर अच्छी तरह से सुसज्जित कच्चे रेशम परीक्षण व अनुकूलन गृहों में सभी कच्चे रेशम के परीक्षण एवं श्रेणीकरण के बाद ही विपणन अनिवार्य करना । 

·              कच्चे रेशम के विपणन में सुधार लाना । 

·              सांख्यिकी का संग्रहण । 

·               भारत विश्व रेशम बाजार में अग्रणी देश के रूप में दिखे । 

·               केन्द्र सरकार को कच्चे रेशम के आयात और निर्यात सहित रेशम उद्योग के विकास से संबंधित सभी विषयों पर सलाह देना । 

·               केन्द्र सरकार और अन्य अभिकरणों को समय-समय पर जैसे आवश्यक हो, रेशम उद्योग से संबंधित ऐसी अन्य रिपोर्टों को तैयार कर प्रस्तुत करना । 

Please click  for ........ सेवा मानक

IV. लोक सूचना कक्ष 

केन्द्रीय रेशम बोर्ड [केरेबो] ने अपने बेंगलूर स्थित मुख्यालय मेंसूचना केन्द्रस्थापित किया है जो केरेबो की सेवाओं तथा कार्य-कलापों पर जनता को सूचना के प्रचार के उद्देश्य से कम्प्यूटरीकृत लोक संपर्क में सुविधा प्रदान करता है ।सूचना केन्द्रकेरेबो के मुख्य कार्य-कलाप, उसकी संगठनात्मक संरचना, बोर्ड द्वारा प्रदान की गई सेवाएँ, रेशम उत्पादन तथा रेशम उद्योग में प्रौद्योगिकी उन्नयन, रेशम माल के मूल्य, रेशम उत्पादन आंकडे, रेशम निर्यात, आयात सांख्यिकी, बोर्ड द्वारा सीधे अथवा रेशम उत्पादन विभाग, गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से कार्यान्वित योजनाएँ/परियोजनाएँ, केरेबो के विभिन्न एककों द्वारा प्रदान किये जाने वाला प्रशिक्षण, साहित्य, आवधिक प्रकाशन, पुस्तकें, बिक्री हेतु उपलब्ध रेशम उत्पादन फिल्म, कृषकों, धागाकारों, बुनकरों, गैर सरकारी संगठनों, गुणवत्‍ता क्ल्ब तथा अन्य इच्छुक लोगों को गुणवत्ता परीक्षण, प्रमाणन, बीज आपूर्ति आदि पर बोर्ड द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं संबंधी सूचना प्रदान करता है

 सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 के अधिनियमन के फलस्वरूप सूचना केन्द्र की भूमिका तथा उद्देश्य में विस्तार लाया गया है । केन्द्रीय रेशम बोर्ड ने सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुसार जनता को सूचना प्रदान करने के लिए केरेबो मुख्यालय तथा इसके अधीनस्थ इकाइयों में 39 केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारियों को पदनामित किया है । लोक सूचना कक्ष आवेदकों से आवेदन प्राप्त करता है और इसे कार्रवाई हेतु संबंधित केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी को भेजता है और सूचना अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन प्रावधानों के अनुसार उत्तर प्रस्तुत करता है । 

Please click for ...........शिकायत निवारण प्रक्रिया

णधारी/ ग्राहक:

·                देश के सभी राज्यों में रेशम उत्पादन के विकास से संबंधित विभाग 

·                गैर सरकारी संगठन (गै स सं) 

·                रेशम उत्पादन में लगे कृषक  

·                रेशम धागाकार

·                रेशम कताईकार

·                प्राइवेट रेशमकीट बीज उत्पादक

·                निर्यातक  

·                निम्न करने के इच्छुक उद्यमी -

•     कोसा उत्पादन  
•     
रेशमधागाकारण/कताई 
•     
रेशमकीट बीज उत्पादन 
•     
रेशमकीट व इसके खाद्य पौधों के पीड़क व रोगों के नियंत्रण हेतु रसायनों एवं जैव कीटनाशी के निर्माता.

 जवाबदेही केन्द्र:

मुख्य अनुसंधान संस्थान एवं अधीनस्थ एकक :

·                मैसूरु  (कर्नाटक), बहरमपुर (पश्चिम बंगाल) एवं पाम्पोर (जम्मू व कश्मीर) में तीन केन्द्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान (केरेअवप्रसं) 

·                केन्द्रीय तसर अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान, राँची (झारखंड) 

·                केन्द्रीय रेशम उत्पादन जननद्रव्य संसाधन केन्द्र, होसूर (तमिल नाडू) 

·                रेशम-जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान प्रयोगशाला, बेंगलूरु (कर्नाटक) 

·                केन्द्रीय मूगा एरी अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान, लढ़ोईगढ़ (असम) 

·                देश के विभिन्न स्थानों में स्थित शहतूत हेतु 11 क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, तसर के लिए 8, मूगा के लिए एक तथा एरी के लिए 2  

·         शहतूत के लिए 44 अनुसंधान विकास केन्द्रतसर के लिए 14, मूगा के लिए 3 तथा एरी के लिए 2, कूनूर (त ना) में एक अनुषंगी रेशमकीट प्रजनन केन्द्र तथा शहतूत केलिए 43 उप अविके  तथा मूगा के लिए 1 उप-अविके एवं टिटाबार में 1 क्षेत्र प्रयोगशाला तथा तसर के लिए करगी कोटा, चक्रधरपुर एवं सरयाहाट में 3 पी4 केन्द्र तथा कलिम्पोंग, हासन व मानसबल में शहतूत के लिए 3 पी4 फार्म ।

बुनियादी एवं वाणिज्यिक रेशमकीट बीज सहायता :

बेंगलूरु (कर्नाटक) में स्थित राष्ट्रीय रेशमकीट बीज संगठन (रारेबीसं) के अंतर्गत कोड़त्ति, बेंगलूर में 1 रेशम कीट बीज प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, मालदा (प. बं.) एवं देहरादून (उत्तरांचल) में 2 आँचलिक रेशमकीट बीज संगठन (आँरेबीसं), सी.एम.वाडी में एक पी1 बीजागार सहित 21 रेशमकीट बीज उत्पादन केन्द्र, रामगिरी में एक रेशम उत्पादन विकास केन्द्र सहित 20 बुनियादी बीज फार्म, 3 बीज कोसा प्रापण केन्द्र, देश के विभिन्न स्थानों में 32 रेशम उत्पादन सेवा केन्द्र, 29 रेशम उत्पादन सेवा एकक व तीन कोल्ड स्टोरेज प्लांट स्थित है ।

·              मूल बीज फार्म विभिन्न राज्यों के रेशम उत्पादन विभागों की मांग पर पैतृक बीज की आपूर्ति करते हैं ।  रारेबीसं द्वारा उत्पादित  वाणिज्यिक रेशमकीट बीज राज्य के उत्पादन की कमी को पूरा करता है ।

·              बुनियादी तसर रेशमकीट बीज संगठन (बुरेबीसं), बिलासपुर एवं देश के विभिन्न स्थानों में स्थित 21 बुबीप्रवप्रके तथा एक केन्द्रीय तसर रेशमकीट बीज केन्द्र, करगी कोटा, छत्तीसगढ़ एवं 1 क्षेत्र एकक पल्लाहारा (उडीसा) के माध्यम से इन प्रजातियों के मूल बीज प्रगुणन एवं उत्पादन में सहायता प्रदान करते हैं ।   

·              मूगा रेशमकीट बीज संगठन (मूरेबीसं), गुवहाटी, 11 पी4/पी3 एकक तथा कालियाबारी, बोको स्थित एक मूगा रेबीउके के माध्यम से इन प्रजातियों के मूल बीज प्रगुणन एवं उत्पादन में सहायता प्रदान करते है ।  

·              एरी रेशमकीट बीज संगठन, गुवाहाटी, आज़ारा (असम), फतेहपुर (उत्तर प्रदेश), होसूर (त ना), सुजानपुर (पंजाब) एवं पेद्दापुरम (आं प्र) में स्थित 5 एरी रेशमकीट बीज उत्पादन केन्द्रों के माध्यम से संगठित उत्पादन विधि का प्रदर्शन करता है ।

कोसोत्तर सहायता एवं पारि-परीक्षण :

केन्द्रीय रेशम प्रौद्योगिक अनुसंधान संस्थान (के रे प्रौ अ सं), बेंगलूर निम्न केन्द्रों की सहायता से कोसोत्तर क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विस्तार सहायता प्रदान करता है।

·              1 आँचलिक कार्यालय, बिलासपुर उद्यमियों को कोसोत्तर सहायता प्रदान करते है ।

·              1 क्षेत्रीय रेशम प्रौद्योगिक अनुसंधान केन्द्र (क्षेरेअके) गुवहाटी 

·              6 रेशम अनुकूलन एवं परीक्षण गृह, बेंगलूर, धर्मावरम, कांचीपुरम, मालदा, जम्मू एवं श्रीनगर मानक मापदंडों पर आधारित गुणवत्ता के लिए कच्चे रेशम की परीक्षण हेतु सुसज्जित किया गया है ।

·              वाराणसी स्थित 1 पारि-परीक्षण प्रयोगशाला इस्तेमाल में आने वाले रंगों की पारि-अनुकूलन की जांच करती है ।

·              2 कच्चा रेशम परीक्षण केन्द्र, सिद्दलगट्टा एवं कोल्लेगाल (दोनों कर्नाटक में ) 

·              9 प्रदर्शन सह तकनीकी सेवा केन्द्र (प्रसतसेके) पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तराखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, जम्मू एवं काश्मीर, कर्नाटक में एक-एक और 3 कोसा परीक्षण केन्द्र, रामनगरम्  (कर्नाटक), कोयंबतूर एवं धर्मपुरी, (त ना) तथा अरनी (त ना) में  एक टीडीसी कार्य कर रहे हैं जो स्थानीय धागाकरण एवं कताई उद्योग को तकनीकी एवं प्रशिक्षण सहायता प्रदान करते हैं ।

समन्वयन एवं बाजार समर्थन :

विभिन्न राज्य के रेशम उत्पादन विकास कार्यक्रमों का समन्वयन करने तथा निर्यात निमित्त रेशम वस्तुओं के पोत लदान पूर्व निरीक्षण करने के क्रम में, केन्द्रीय रेशम बोर्ड ने  10 क्षेत्रीय कार्यालय, नई  दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जम्मू, हैदराबाद, चेन्‍नै, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, लखनऊ एवं पटना तथा 3 प्रमाणन केन्द्र बेंगलूर, वाराणसी एवं श्रीनगर में स्थापित किये ।  एकक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समन्वयन करने के लिए राज्य रेशम उत्पादन विभाग, क्षेत्र एकक एवं केरेबो क्षेत्र कार्यकर्ताओं के साथ निकट संबंध रखते है ।  क्षेत्रीय कार्यालय, केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा गठित राज्य स्तर रेशम उत्पादन समन्वयन समिति बैठकों का संयोजक भी है ।

प्रारंभिक वन्य कोसा उत्पादकों को मितव्ययी एवं उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए, केन्द्रीय रेशम बोर्ड ने 4 उप डिपोरायगढ़ (छत्तीसगढ़), भागलपुर (बिहार), वारंगल (आं प्र) एवं भंडारा (महाराष्ट्र) के साथ चाईबासा (झारखंड) में एक तसर कच्चा माल बैंक की स्थापना की है ।  समान रूप में मूगा कोसा के लिए डाकुआखाना, सुआलकुची (असम) एवं कूच बिहार, पश्चिम बंगाल में 3 उप डिपो के साथ शिवसागर, असम में एक मूगा कच्चा माल बैंक की स्थापना की है ।

सेवा प्राप्तकर्ताओं से निर्देशात्मक प्रत्याशाऍ

·              केन्द्र प्रायोजित योजनाओं पर इमदाद संबंधी सूचना । 

·              रेशमकीट बीज, पौधारोपण सामग्रियों की उपलब्धता 

·              उन्नत शहतूत उपजाति, रेशमकीट बीज, उन्नत प्रौद्योगिकी पैकेज का विवरण ।

·              रोगाणुनाशी निर्माता, मशीनरी निर्माता संबंधी विवरण, कलपुर्जो की उपलब्धता ।

·              कोसा, कच्चा रेशम एवं रेशम माल का मूल्य ।

चार्टर की समीक्षा:


नागरिक चार्टर के अनुश्रवण एवं समीक्षा के क्रम में केरेबो द्वारा वार्षिक आधार पर नागरिक चार्टर की समीक्षा एवं द्यतन की जाएगी ............।