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रेशम उत्पादन पर टिप्पणी

रेशम उद्योग के परिप्रेक्ष्य

प्रस्तावना

रेशम उत्पादन इसकी उत्पादन श्रृंखला के सभी चरणों में नामत: रेशमकीट खाद्य पौधों की कृषि, रेशमकीट पालन, रेशम धागाकरण तथा अन्य कोसोत्तर प्रक्रियायें जैसे ऐंठन, रंगाई, बुनाई, मुद्रण तथा परिष्करण में श्रम आधारित उद्योग है । रेशम उत्पादन लगभग 68 लाख व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करता है जिसमें अधितम लघु तथा सीमांत कृषक हैं । रेशम उत्पादन नियमित रूप में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिमबंगाल तथा ज व क आदि परंपरागत राज्यों के जिलों में, उत्तरपूर्वी क्षेत्र के सभी राज्यों में, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, उत्तरांचल, ओडिश के जनजातीय क्षेत्र में किया जाता है । कोसा तथा रेशम संसाधन उद्योग परंपरागत रूप में समूहों में विद्यमान है । भारत को सभी चारों प्रकार के वाणिज्यिक रेशम प्रजातियों अर्थात् शहतूत, तसर, एरी तथा मूगा का उत्पादन करने का गौरव प्राप्त है ।    अधिक पढ़ने के लिए...... 01 अप्रैल, 2017 को यथाविद्यमान