सामाजिक आर्थिक पहल

   

भारत में रेशम उद्योग प्रकृति समाहित विरासत के रूप में मिला है । ग्रामीण कृषि आधारित उद्योग होने के कारण इसने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । अन्य कृषि संबद्ध क्षेत्र की तरह,  यद्यपि हाल में उत्पादन मूल्य में वृद्धि हुई है, फिर भी प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप से उत्पादकता तथा गुणवत्ता में वृद्धि से यह साबित होता है कि यह क्षेत्र वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य और समावेशी उद्यम है ।

केन्द्रीय रेशम बोर्ड (केरेबो), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने महत्वपूर्ण उत्प्रेरक विकास कार्यक्रम के माध्यम से भागीदारी दृष्टिकोण एवं योजना तथा कार्यान्वयन में लोगों की सक्रिय सहभागिता के साथ क्लस्टर तरीके से रेशम उत्पादन के विकास की पहल की है ।

 ... सम्पूर्ण जानकारी के लिए कृपया क्लिक करें